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PMJAY

ठीक है 👍 मैं पूरे दस्तावेज़ का सरल, काम का और परीक्षा/प्रेज़ेंटेशन-फ्रेंडली सारांश निकाल रहा हूँ: 📌 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि योजना (PMBJP) – सारांश 1️⃣ योजना का उद्देश्य (Genesis) ब्रांडेड दवाइयाँ महँगी होती हैं, जबकि जेनेरिक दवाइयाँ उतनी ही प्रभावी लेकिन सस्ती होती हैं। आम जनता को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण दवाइयाँ उपलब्ध कराने के लिए PMBJP शुरू की गई। देशभर में प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJK) खोले जा रहे हैं। 2️⃣ PMBI (Pharmaceuticals & Medical Devices Bureau of India) PMBI इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी है। 2008 में स्थापित, औषधि विभाग (भारत सरकार) के अंतर्गत। मुख्य भूमिकाएँ: सस्ती जेनेरिक दवाइयाँ उपलब्ध कराना जनऔषधि केंद्रों के माध्यम से दवाइयों का वितरण दवाइयों की खरीद (PSU व निजी कंपनियों से) जनऔषधि केंद्रों की निगरानी 3️⃣ जनऔषधि केंद्र खोलने की पात्रता व्यक्ति के पास D. Pharma / B. Pharma डिग्री हो या ऐसे फार्मासिस्ट को नियुक्त करना अनिवार्य NGO, ट्रस्ट, सरकारी संस्थान भी पात्र सरकारी अस्पतालों में NGO को प्राथमिकता 4️⃣ मार्जिन ...
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शेर और हिरण की प्रार्थना: भगवान किसकी सुनता है?

जंगल में एक शेर है और एक हिरण। हिरण घास खाकर जीवित रहता है और शेर हिरण को खाकर। यह प्रकृति की सामान्य व्यवस्था है। लेकिन एक दिन ऐसा क्षण आता है जब दोनों भगवान से प्रार्थना करते हैं। शेर बहुत मनोभाव से कहता है—हे भगवान, आज मुझे शिकार दे दो, अगर आज शिकार नहीं मिला तो मैं भूखा मर जाऊँगा। उसी समय हिरण भी उतनी ही सच्चाई और डर के साथ भगवान से प्रार्थना करता है—हे भगवान, मेरी जान बचा लो, मुझे शेर से बचा लो। यहीं से मनुष्य के मन में एक बड़ा प्रश्न खड़ा होता है। भगवान क्या करेगा? क्योंकि भगवान तो दोनों को ही मानने वाला है, दोनों को उसी ने बनाया है। अगर शेर शिकार कर लेता है तो क्या इसका मतलब यह हुआ कि भगवान ने शेर की बात सुन ली और उसकी भक्ति ऊँचे दर्जे की थी? और अगर हिरण मारा गया तो क्या यह मान लिया जाए कि उसकी भक्ति कमजोर थी, इसलिए उसकी जान चली गई? यहीं से विरोधाभास पैदा होता है और यहीं पर सबसे बड़ा भ्रम जन्म लेता है। असल में यह पूरी स्थिति धर्म या भक्ति की परीक्षा नहीं है, यह प्रकृति की व्यवस्था है। भगवान ने ही शेर को शिकारी बनाया और हिरण को शिकार। यह कोई नैतिक अदालत नहीं है जहाँ अ...

How to React – जीवन को समझने की सबसे ज़रूरी कला

How to React – जीवन को समझने की सबसे ज़रूरी कला मनुष्य के जीवन में परिस्थितियाँ अपने आप में न तो अच्छी होती हैं, न बुरी। अच्छा या बुरा उन्हें हमारी प्रतिक्रिया बनाती है। अक्सर लोग यह पूछते हैं— “मेरे साथ ऐसा क्यों हुआ?” लेकिन जीवन का सबसे सही प्रश्न यह है— “अब मुझे इस पर कैसी प्रतिक्रिया देनी चाहिए?” यही प्रश्न How to React की असली शुरुआत है। घटनाएँ नहीं, प्रतिक्रियाएँ जीवन को दिशा देती हैं हम सभी के जीवन में सफलता और असफलता, सम्मान और अपमान, प्रशंसा और आलोचना— सब कुछ आता है। लेकिन एक ही परिस्थिति में कोई व्यक्ति टूट जाता है कोई व्यक्ति सीख लेता है और कोई व्यक्ति मजबूत बनकर आगे बढ़ जाता है तीनों के साथ घटना एक जैसी होती है, फर्क सिर्फ उनकी प्रतिक्रिया का होता है। प्रतिक्रिया ही हमारे व्यक्तित्व की पहचान है व्यक्ति को उसकी बातें नहीं, उसकी परिस्थितियों में दी गई प्रतिक्रिया पहचान दिलाती है। गुस्से में दी गई प्रतिक्रिया अक्सर पछतावे को जन्म देती है धैर्य से दी गई प्रतिक्रिया समाधान की ओर ले जाती है समझदारी से दी गई प्रतिक्रिया सम्मान दिलाती है इसलिए कहा जा...

Overweight और Obesity में क्या अंतर है?

Overweight और Obesity में क्या अंतर है? आजकल हम सब किसी न किसी दिन कहते हैं  “यार, वजन बढ़ गया है…” लेकिन सच ये है कि 👉 वजन बढ़ना हर बार बीमारी नहीं होता। कभी ये सिर्फ warning होता है, और कभी problem । यहीं से बात आती है Overweight और Obesity की। Overweight क्या होता है? Overweight का मतलब ये नहीं कि आप बीमार हो गए। इसका मतलब बस इतना है कि 👉 शरीर में जितनी ज़रूरत थी, उससे थोड़ी ज़्यादा चर्बी जमा हो गई है। जैसे – खाना थोड़ा ज़्यादा चलना-फिरना थोड़ा कम और आराम ज़्यादा अभी शरीर कह रहा है: ⚠️ “संभल जाओ, वरना आगे दिक्कत होगी।” तकनीकी भाषा में  जब BMI (Body Mass Index) 25 से 29.9 के बीच होता है,तो उसे Overweight कहते हैं। Obesity क्या होती है? Obesity कोई “थोड़ा मोटा” होना नहीं है। 👉 ये वो stage है जहाँ चर्बी शरीर पर हावी होने लगती है।अब वजन सिर्फ दिखने की चीज़ नहीं रहता, बल्कि: सांस फूलने लगती है घुटनों में दर्द जल्दी थकान बीपी, शुगर की एंट्री तकनीकी तौर पर,जब BMI 30 के पार चला जाए,तो डॉक्टर इसे Obesity कहते हैं।यानी अब मामला serious है। Diet दोनों में क्यों ज़...

फ्लो: जब हम काम में बहने लगते हैं

🌊 फ्लो: जब हम काम में बहने लगते हैं कभी आपने महसूस किया है कि कोई काम करते-करते समय का पता ही नहीं चला? घड़ी देखी तो कई घंटे बीत चुके थे, थकान भी नहीं थी, और मन पूरी तरह संतुष्ट था। इसी अनुभव को Flow (फ्लो) कहा जाता है। 🌿 फ्लो क्या होता है? फ्लो वह अवस्था है जब हमारा पूरा ध्यान सिर्फ वर्तमान काम पर होता है न अतीत की चिंता रहती है न भविष्य की फिक्र उस समय: मन शांत होता है शरीर और दिमाग एक साथ काम करते हैं “मैं” का अहंकार भी कुछ देर के लिए गायब हो जाता है हम काम का हिस्सा बन जाते हैं । ⛷️ फ्लो का अनुभव कैसा होता है? किताब में एक उदाहरण दिया गया है: मान लीजिए आप बर्फीली ढलान पर स्कीइंग कर रहे हैं। बर्फ दोनों ओर उड़ रही है। परिस्थिति बिल्कुल सही है। आप यह नहीं सोचते कि अगला कदम क्या होगा — शरीर खुद जानता है क्या करना है। उस पल: न भविष्य है न अतीत सिर्फ वर्तमान है यही फ्लो है। 🧠 समय क्यों गायब हो जाता है? जब हम किसी काम को मज़े से और पूरे ध्यान से करते हैं, तो समय का एहसास खत्म हो जाता है। खाना बनाते-बनाते घंटों निकल जाते हैं किताब पढ़ते-पढ़त...

WBC (White Blood Cells) हमें बीमारियों से कैसे बचाती हैं? 🛡️🩸सरल भाषा में समझिए

🛡️🩸WBC (White Blood Cells) हमें बीमारियों से कैसे बचाती हैं?  समझिए सरल भाषा में 👇 🔍दुश्मन की पहचान (Recognition) जब कोई बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या परजीवी शरीर में घुसता है तो  WBC उन्हें तुरंत पहचान लेती हैं कि यह अपने शरीर का हिस्सा नहीं है। 🚨WBC एक सिग्नल देती हैं । उस जगह सूजन (Inflammation) आती है। खून की सप्लाई बढ़ती है,  और ज्यादा WBC वहाँ पहुँचती हैं।इसलिए चोट या इन्फेक्शन में जगह लाल और गर्म हो जाती हैं। 🍽️ दुश्मन को खा जाना कुछ WBC  बीमारी पैदा करने वाले माइक्रोब्स को घेरकर निगल लेती हैं। 🎯एंटीबॉडी बनाना कुछ खास WBC (B-Cells)  एंटीबॉडी बनाती हैं। ये एंटीबॉडी वायरस/बैक्टीरिया पर चिपककर  उन्हें कमजोर या नष्ट कर देती हैं।  👉 यही कारण है कि वैक्सीन काम करती है। 🧠 याद रखना  कुछ WBC उस बीमारी को याद रखती हैं। अगली बार वही बीमारी आए तो  शरीर बहुत तेजी से लड़ता है  बीमारी गंभीर नहीं बनती । ➡️ इसे कहते हैं इम्युनिटी (Immunity)

Right to Disconnect

Right to Disconnect — आसान भाषा में आज के समय में हमारे मोबाइल और लैपटॉप नेवो काम और निजी जिंदगी के बीच की लाइन लगभग मिटा दी है। ऑफिस का टाइम खत्म हो भी जाए, तब भी ईमेल, कॉल या व्हाट्सऐप मैसेज आते रहते हैं। इसी समस्या को समझते हुए दुनिया के कई देशों ने एक नया अधिकार बनाया— Right to Disconnect । इसका मतलब बहुत सीधा है: ड्यूटी खत्म होने के बाद आपको काम से जुड़े कॉल या मैसेज का जवाब देने की कोई मजबूरी नहीं है—और अगर आप जवाब न दें तो कोई सज़ा भी नहीं मिल सकती। यह अधिकार कर्मचारियों को अपने परिवार, आराम और निजी समय के लिए स्पेस देता है। कई कंपनियाँ तो अब डिजिटल वेलनेस ट्रेनिंग और “नो आफ्टर ऑवर्स कॉल” जैसी नीतियाँ भी बना रही हैं, ताकि कर्मचारियों का तनाव कम हो और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहे। दुनिया में इसे कैसे अपनाया गया? फ्रांस फ्रांस इस अधिकार को कानूनी रूप देने वाला पहला देश था। वहाँ कंपनियों को यह तय करना पड़ता है कि कर्मचारियों से ऑफिस टाइम के बाद कैसे और कब संपर्क किया जाएगा। मतलब—काम तो होगा, लेकिन स्वस्थ तरीके से। ऑस्ट्रेलिया ऑस्ट्रेलिया ने 2024 में कानून ब...